કેદારનાથમાં પગપાળા માર્ગ પર ભયાનક લેન્ડ સ્લાઈડ થયુ છે. ભૂસ્ખલનની આ ઘટનામાં પહાડો પરથી મોટા મોટા પથ્થર સતત નીચે પડી રહ્યા છે. જેમાં એક પદયાત્રી પર મોટો પથ્થર પડતાં તેનું મોત થયુ છે. જેના કારણે યાત્રાળુઓમાં ભયનો માહોલ વ્યાપી ગયો છે. કેદારનાથ યાત્રાને થોડા સમય માટે રોકી દેવાઈ હતી. લેન્ડ સ્લાઈડ થયુ તે વિસ્તારમાંથી શ્રદ્ધાળુઓને સુરક્ષિત રીતે બહાર કઢાયા હતા. આજે હવામાન સામાન્ય અને ભૂસ્ખલન ન થતાં સુરક્ષા જવાનો, SDRF, DDRF અને YMF ના જવાનોની મદદથી યાત્રાળુઓને માર્ગ પસાર કરાવવામાં આવી રહ્યો છે.
પ્રશાસન અને રેસ્ક્યુ ટીમ ઘટનાસ્થળે ઉપસ્થિત
મળતી માહિતી પ્રમાણે, ચીરબાસા હેલીપેડ નજીકના વિસ્તારમાં મોટો પથ્થર નીચે પડતાં 65 વર્ષીય મોહન તિવારી નામના પદયાત્રીનું મોત થયુ છે. વરસાદ અને સતત ભૂસ્ખલનના કારણે યાત્રાને કેટલાક સમય પૂરતી રોકી દેવામાં આવી હતી. પહાડો પરથી ભૂસ્ખલન થવાના કારણે પદયાત્રા માર્ગ પ્રભાવિત થયો છે. મોટો પથ્થર પડતાં અને શ્રદ્ધાળુનું મોત થતાં, અન્ય શ્રદ્ધાળુઓ ડરના માર્યા સુરક્ષિત સ્થળે પહોંચવા મથી રહ્યા હતા. DDRF અને YMF ની રેસ્ક્યુ ટીમ ઘટના સ્થળે પહોંચી ગઈ છે. મૃતદેહને ગૌરીકુંડ લાવવાની કાર્યવાહી કરવામાં આવી રહી છે.
केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर चीरवासा के समीप पत्थर गिरने के कारण आंशिक रूप से बाधित मार्ग से दर्शन कर वापस लौटे श्रद्धालुओं को सुरक्षित पार कराया गया।
गत दिवस 13.09.2026 के दिन से केदारनाथ धाम पैदल मार्ग गौरीकुण्ड से लगभग 2.5 कि.मी. ऊपर चीरवासा हैलीपेड के समीप पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण बाधित चल रहा था। देर सांयकाल तक प्रतिकूल मौसम तथा इस स्थान पर निरन्तर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण मार्ग आवागमन हेतु बाधित रहा। केदारनाथ से वापस आ रहे श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों पर सुरक्षित रुकवाया गया।
आज प्रातःकाल मौसम अनुकूल होने तथा यहां पर पत्थर इत्यादि न गिरने पर केदारनाथ धाम की ओर से वापस लौट रहे श्रद्धालुओं को चीरबासा के समीप बाधित मार्ग क्षेत्र से सुरक्षा मानकों एवं आवश्यक सावधानियों के साथ चरणबद्ध रूप से सुरक्षित ढंग से पार कराया गया है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित किए जाने हेतु मौके पर एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, वाईएमएफ, आपदा मित्र एवं पुलिस बल की रेस्क्यू टीमें तैनात हैं। रेस्क्यू टीमों द्वारा बाधित मार्ग क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही कराए जाने के साथ ही उन्हें आवश्यक सहयोग एवं सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
श्रद्धालुओं के सुरक्षित पार होने के उपरान्त सम्बन्धित कार्यदाई संस्था (लोक निर्माण विभाग) के स्तर से मार्ग पर आए मलबे एवं पत्थरों को हटाने तथा मार्ग की साफ-सफाई एवं सुधारीकरण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।
वर्तमान में स्थिति सामान्य एवं नियंत्रण में है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत मौके पर तैनात सभी रेस्क्यू टीमें एवं संबंधित विभाग निरन्तर निगरानी रखते हुए आवश्यक कार्यवाही कर रहे हैं।
फिलहाल यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत सोनप्रयाग में केदारनाथ की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को रोका गया है, मार्ग के पूर्ण रूप से आवागमन हेतु सुचारु होने पर यात्रा संचालित कराई जाएगी।
श्रद्धालुओं से अपील है कि मौके पर तैनात सुरक्षा एवं रेस्क्यू टीमों द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें तथा बिना अनुमति बाधित क्षेत्र को पार करने का प्रयास न करें।
#RudraprayagPolice #UttarakhandPolice
— Rudraprayag Police Uttarakhand (@RudraprayagPol) September 14, 2026
केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर चीरवासा के समीप पत्थर गिरने के कारण आंशिक रूप से बाधित मार्ग से दर्शन कर वापस लौटे श्रद्धालुओं को सुरक्षित पार कराया गया। गत दिवस 13.09.2026 के दिन से केदारनाथ धाम पैदल मार्ग गौरीकुण्ड से लगभग 2.5 कि.मी. ऊपर चीरवासा हैलीपेड के समीप पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण बाधित चल रहा था। देर सांयकाल तक प्रतिकूल मौसम तथा इस स्थान पर निरन्तर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण मार्ग आवागमन हेतु बाधित रहा। केदारनाथ से वापस आ रहे श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों पर सुरक्षित रुकवाया गया। आज प्रातःकाल मौसम अनुकूल होने तथा यहां पर पत्थर इत्यादि न गिरने पर केदारनाथ धाम की ओर से वापस लौट रहे श्रद्धालुओं को चीरबासा के समीप बाधित मार्ग क्षेत्र से सुरक्षा मानकों एवं आवश्यक सावधानियों के साथ चरणबद्ध रूप से सुरक्षित ढंग से पार कराया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित किए जाने हेतु मौके पर एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, वाईएमएफ, आपदा मित्र एवं पुलिस बल की रेस्क्यू टीमें तैनात हैं। रेस्क्यू टीमों द्वारा बाधित मार्ग क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही कराए जाने के साथ ही उन्हें आवश्यक सहयोग एवं सुरक्षा प्रदान की जा रही है। श्रद्धालुओं के सुरक्षित पार होने के उपरान्त सम्बन्धित कार्यदाई संस्था (लोक निर्माण विभाग) के स्तर से मार्ग पर आए मलबे एवं पत्थरों को हटाने तथा मार्ग की साफ-सफाई एवं सुधारीकरण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। वर्तमान में स्थिति सामान्य एवं नियंत्रण में है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत मौके पर तैनात सभी रेस्क्यू टीमें एवं संबंधित विभाग निरन्तर निगरानी रखते हुए आवश्यक कार्यवाही कर रहे हैं। फिलहाल यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत सोनप्रयाग में केदारनाथ की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को रोका गया है, मार्ग के पूर्ण रूप से आवागमन हेतु सुचारु होने पर यात्रा संचालित कराई जाएगी। श्रद्धालुओं से अपील है कि मौके पर तैनात सुरक्षा एवं रेस्क्यू टीमों द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें तथा बिना अनुमति बाधित क्षेत्र को पार करने का प्रयास न करें। #RudraprayagPolice #UttarakhandPolice
— Rudraprayag Police Uttarakhand (@RudraprayagPol) September 14, 2026યાત્રાળુઓ માટે એડવાઈઝરી જાહેર કરવામાં આવી સતત વરસાદ અને લેન્ડ સ્લાઈડની ઘટનાને જોતા ઉત્તરાખંડ સરકાર અને સ્થાનિક પ્રશાસન તાત્કાલિક હરકતમાં આવ્યુ છે. વધુ કોઈ મોટી દુર્ઘટના ન ઘટે તે માટે તાત્કાલિક ધોરણે કેદારનાથ યાત્રા બંધ કરી દેવાઈ હતી. યાત્રાળુઓને સોનપ્રયાગ અને ગૌરીકુંડમાં જ સુરક્ષિત સ્થળોએ રહેવાની સૂચના પ્રશાસન તરફથી આપવામાં આવી છે. જે લોકો કેદારનાથ બાબાના દર્શન કરીને પરત ફરી રહ્યા છે, તેમને જંગલચટ્ટીમાં રોકી દેવાયા છે.
